विजय सावरकर, मुलताई (Betul Samachar)। बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में घटित अलग-अलग घटनाओं में एक बुजुर्ग महिला की कुएं के पानी में डूबने से और विवहिता की बाइक से गिरने से मौत हो गई। एक अन्य मामले में कर्ज से परेशान एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस अलग-अलग घटे इन तीनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच कर रही है।
प्रभातपट्टन ब्लॉक के ग्राम चकोरा निवासी लीलाबाई पति संतोषराव गावंडे ( उम्र 60 साल) रविवार दोपहर में किसान पंजाबराव नागले के खेत में स्थित कुएं पर पानी निकालने गई थी। कुएं से पानी निकालने के दौरान लीलाबाई का पैर फिसल गया और वह कुएं में जा गिरी। देर तक वापस घर में आने पर परिजनों ने तलाश की तो कुएं के पास पानी भरने वाले बर्तन मिले। कुएं में गल डालकर लीलाबाई के शव को बाहर निकाला। बुजुर्ग महिला के पुत्र की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम किया है।
चक्कर आने से बाइक से सड़क पर गिरी महिला
दूसरी घटना मुलताई-छिंदवाड़ा नेशनल हाईवे पर हुई। आमला थाना क्षेत्र के ग्राम माहोली निवासी जोन्दरु मर्सकोले और उसकी पत्नी मीराबाई मर्सकोले रविवार शाम में बाइक से जा रहे थे। नेशनल हाईवे पर लखापुर पंखा के पास बाइक पर बैठी मीराबाई को चक्कर आ गया और हाईवे पर गिर गई। मीराबाई को सिर में गंभीर चोट आई थी। घायल मीराबाई को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल लाया। जहां उसकी मौत हो गई। जोन्दरु की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम किया है।
कर्ज से परेशान युवक ने फांसी लगाकर दी जान
तीसरी घटना मुलताई थाना क्षेत्र के ग्राम चौथिया में हुई जहां एक युवक ने कर्ज से परेशान होकर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम चौथिया निवासी नारायण बारंगे ने पुलिस को बताया कि उसका पुत्र महेश उर्फ राजेश बारंगे ने लोन पर ट्रैक्टर लिया था। जिसका कर्ज वह अदा नहीं कर पा रहा था। उसने महेश को 5 लाख रुपए दिए थे। महेश ने दोबारा फिर कर्ज कर लिया था। ग्राम में भी उस पर लोगों की उधारी बकाया थी। उसने महेश को कई बार कर्ज लेने और शराब पीने के लिए मना किया था। महेश ने सेंट्रल बैंक और बजाज फाइनेंस से भी काफी कर्ज ले लिया था।
नारायण ने पुलिस को बताया कि महेश उससे अलग रहता था। तीन-चार दिन पहले उसकी पत्नी उसके मायके में गमी होने के कारण ग्राम चंदौराखुर्द चली गई थी। वह रविवार रात में खेत चला गया था। रात में महेश अपने कमरे पर सोया था। सोमवार सुबह 8 बजे महेश की मां ग्यारसीबाई ने महेश को उठाने के लिए आवाज दी। ग्यारसीबाई ने महेश के कमरे का दरवाजा खोला तो महेश छत की हुक में नारायण की रस्सी से बांधकर फांसी पर लटका मिला। नारायण ने पुलिस को बताया कि महेश कर्ज के कारण परेशान था और शराब पीने का आदी था। नारायण की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम किया है।